अन्य ऊर्जा स्रोतों का विद्युत उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र
अन्य ऊर्जा स्रोतों का तात्पर्य उन विविध स्रोतों से है, जो पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों के अलावा विद्युत उत्पादन में प्रयोग किए जाते हैं। इनमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास, जल ऊर्जा, और भू-तापीय ऊर्जा शामिल हैं। ये स्रोत न केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल हैं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता में भी योगदान देते हैं। भारत में, अन्य ऊर्जा स्रोतों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है, खासकर जब से देश ने अपने ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा के हिस्से को बढ़ाने का संकल्प लिया है।
सौर ऊर्जा, जो सूर्य की किरणों से प्राप्त होती है, भारत के लिए एक प्रमुख अन्य ऊर्जा स्रोत है। देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम सूर्य की रोशनी उपलब्ध है, जिससे सौर पैनलों की स्थापना और सौर ऊर्जा की उत्पत्ति में आसानी होती है। भारत सरकार ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ और अनुदान प्रस्तुत किए हैं, जिससे निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है।
पवन ऊर्जा भी एक महत्वपूर्ण अन्य ऊर्जा स्रोत है। भारत में कई पवन फार्म हैं, विशेषकर तटीय क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में, जहां हवा की गति अधिक होती है। पवन टर्बाइन का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है, और यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्रदूषण रहित है। भारत विश्व में पवन ऊर्जा के उत्पादन में चौथे स्थान पर है, और इसकी क्षमता को और बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
बायोमास ऊर्जा, जो पौधों और जानवरों के अपशिष्ट से उत्पन्न होती है, भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसे जलाने या जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है। भारत में कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में बायोमास का बड़ा स्रोत उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
जल ऊर्जा, जिसे हाइड्रोपावर के नाम से भी जाना जाता है, नदियों और जलाशयों के प्रवाह के माध्यम से विद्युत उत्पादन करती है। भारत में कई बड़े और छोटे जल विद्युत परियोजनाएँ हैं, जो न केवल ऊर्जा प्रदान करती हैं, बल्कि जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण में भी सहायक होती हैं। जल ऊर्जा का प्रयोग स्थायी और विश्वसनीय ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जा रहा है।
भू-तापीय ऊर्जा, जो पृथ्वी की आंतरिक गर्मी से उत्पन्न होती है, एक अन्य उभरता हुआ ऊर्जा स्रोत है। हालांकि, भारत में इसकी क्षमता अभी तक पूरी तरह से उपयोग में नहीं लाई गई है, लेकिन इसमें संभावनाएं हैं।
इन सभी ऊर्जा स्रोतों का एकत्रित उपयोग भारत को ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास में सहायता प्रदान कर सकता है। सरकार की नीतियाँ और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग इन प्रयासों को और भी मजबूत बना रहे हैं। भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा है, जिससे आने वाले वर्षों में अन्य ऊर्जा स्रोतों का योगदान और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
बिजली संयंत्र (97 कुल)
| # | संयंत्र का नाम | देश | क्षमता | वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Yangjiang Nuclear Power Station | चीन | 6,000 मेगावाट | 2008 |
| 2 | Belleville Nuclear Power Plant | फ्रांस | 2,620 मेगावाट | 1979 |
| 3 | Sardar Sarovar Dam | भारत | 1,450 मेगावाट | 2000 |
| 4 | Pechora GRES | रूस | 1,060 मेगावाट | 1979 |
| 5 | PARANA | अर्जेंटीना | 845.26 मेगावाट | 2001 |
| 6 | AGUA DEL CAJON (AUTOGENERADOR DEL MEM) | अर्जेंटीना | 479.2 मेगावाट | 1997 |
| 7 | EFDA JET Fusion Flywheel | यूनाइटेड किंगडम | 400 मेगावाट | 2006 |
| 8 | Kraftwerk Salzgitter | जर्मनी | 288.5 मेगावाट | 2010 |
| 9 | Sihwa Lake Tidal Power Station | दक्षिण कोरिया | 254 मेगावाट | 2011 |
| 10 | Siwha Lake Tidal Power Station | दक्षिण कोरिया | 254 मेगावाट | - |
| 11 | PPG Riverside | संयुक्त राज्य अमेरिका | 162 मेगावाट | 1958 |
| 12 | Sol | ब्राज़ील | 147.3 मेगावाट | 2007 |
| 13 | SESTO SAN GIOVANNI | इटली | 110.6 मेगावाट | 1995 |
| 14 | POMIGLIANO D'ARCO | इटली | 105 मेगावाट | - |
| 15 | Mertaniemi 1 ja 2 | फ़िनलैंड | 102 मेगावाट | 2010 |
| 16 | IKW | जर्मनी | 101 मेगावाट | 2013 |
| 17 | Olkiluoto kt | फ़िनलैंड | 100.5 मेगावाट | 2012 |
| 18 | Vlora | अल्बानिया | 98 मेगावाट | 2010 |
| 19 | NOVEL | इटली | 97 मेगावाट | 2019 |
| 20 | O10 | जर्मनी | 94.2 मेगावाट | - |
| 21 | Attero | नीदरलैंड | 92 मेगावाट | - |
| 22 | GichtNatural Gaskraftwerk Dillingen | जर्मनी | 85 मेगावाट | 2010 |
| 23 | Granite City Works | संयुक्त राज्य अमेरिका | 78 मेगावाट | 2010 |
| 24 | ACERRA | इटली | 72 मेगावाट | 2008 |
| 25 | Müllheizkraftwerk Rothensee | जर्मनी | 58.4 मेगावाट | - |