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Hydroelectric बिजली संयंत्र

नवीकरणीय

Dam and run-of-river power plants

संयंत्र संख्या
8,493
कुल क्षमता
1546.7 गिगावाट
देश
9
कुल हिस्सेदारी
21.2%

जल ऊर्जा: एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत

जल ऊर्जा, जिसे हाइड्रोपावर भी कहा जाता है, शक्ति उत्पादन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो जल की गति या गिरावट के माध्यम से ऊर्जा उत्पन्न करता है। यह ऊर्जा उत्पादन की एक पुरानी तकनीक है, जिसका उपयोग मानव सभ्यता के आरंभिक दिनों से हो रहा है। जल ऊर्जा का मुख्य लाभ यह है कि यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जिससे पर्यावरण पर कम प्रभाव पड़ता है और यह प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी उपयोग सुनिश्चित करता है।

जल ऊर्जा का उत्पादन मुख्यतः जलाशयों, नदियों और जल प्रवाह के माध्यम से किया जाता है। जब पानी एक ऊँचाई से नीचे गिरता है, तो यह गतिज ऊर्जा उत्पन्न करता है, जिसे टरबाइन के माध्यम से विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। हाइड्रोपावर प्लांट्स में बड़े पैमाने पर टरबाइन और जनरेटर होते हैं, जो इस प्रक्रिया को संचालित करते हैं। इस प्रक्रिया में पानी की मात्रा, उसकी गति और गिरावट की ऊँचाई महत्वपूर्ण होती है।

भारत में जल ऊर्जा का योगदान देश की कुल ऊर्जा आवश्यकता में महत्वपूर्ण है। भारत में जल ऊर्जा का विकास 19वीं शताब्दी के अंत में शुरू हुआ था, और आज यह देश के ऊर्जा मिश्रण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में कई बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स हैं, जैसे कि भाखड़ा नंगल, टिहरी और सलाल, जो न केवल बिजली उत्पादन में मदद करते हैं, बल्कि सिंचाई और जल संसाधन प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जल ऊर्जा के कई लाभ हैं। यह एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है, जो ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं करता। इसके अलावा, जल ऊर्जा उत्पादन के दौरान उत्पन्न होने वाली बिजली की लागत भी अपेक्षाकृत कम होती है। जल ऊर्जा के माध्यम से उत्पादित बिजली की स्थिरता और विश्वसनीयता इसे अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की तुलना में एक आकर्षक विकल्प बनाती है।

हालांकि, जल ऊर्जा के कुछ नुकसान भी हैं। बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के निर्माण में भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होती है, जो कभी-कभी स्थानीय समुदायों के लिए समस्या बन सकती है। इसके अलावा, जलाशयों के निर्माण से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो सकते हैं, जिससे जलीय जीवन और वन्यजीवों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

भारत सरकार जल ऊर्जा के विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियाँ और योजनाएँ लागू कर रही है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। जल ऊर्जा को बढ़ावा देने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा और देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

कुल मिलाकर, जल ऊर्जा एक महत्वपूर्ण और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जो न केवल बिजली उत्पादन में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके विकास और संवर्धन के लिए आवश्यक नीतियों और प्रौद्योगिकियों का उचित उपयोग, भविष्य में ऊर्जा संकट को कम करने में सहायक हो सकता है।

बिजली संयंत्र (8,493 कुल)

#संयंत्र का नामदेशक्षमतावर्ष
1Three Gorges Damचीन22,500 मेगावाट2003
2Baihetan Damचीन16,000 मेगावाट2008
3Dnipro Hydroelectric Power Plantयूक्रेन15,786 मेगावाट1932
4Itaipu Damब्राज़ील14,000 मेगावाट1970
5Xiluodu Damचीन13,860 मेगावाट2013
6Belo Monte Damब्राज़ील11,233 मेगावाट2011
7Simon Bolivar (Guri)वेनेज़ुएला10,235 मेगावाट1978
8Wudongde Damचीन10,200 मेगावाट2021
9Tucuruí Damब्राज़ील8,535 मेगावाट1984
10Tucuruí Damब्राज़ील8,535 मेगावाट1976
11Usina Hidrelétrica de Tucuruíब्राज़ील8,370 मेगावाट1984
12Xiangjiaba Damचीन7,750 मेगावाट2014
13Bunji Damपाकिस्तान7,100 मेगावाट2016
14Itaipu (Parte Brasileira)ब्राज़ील7,000 मेगावाट1989
15Itaipu Binacional Dam (Paraguay part)पैराग्वे7,000 मेगावाट1984
16Grand Coulee Damसंयुक्त राज्य अमेरिका6,809 मेगावाट1967
17Grand Coulee Damसंयुक्त राज्य अमेरिका6,809 मेगावाट1941
18Longtan Damचीन6,300 मेगावाट2009
19Krasnoyarsk Damरूस6,000 मेगावाट1972
20Nuozhadu Damचीन5,850 मेगावाट2014
21Robert-Bourassa generating stationकनाडा5,616 मेगावाट1979
22Centrale Robert-Bourassaकनाडा5,616 मेगावाट1979
23Churchill Falls Generating Stationकनाडा5,428 मेगावाट1971
24Tarbela Damपाकिस्तान4,888 मेगावाट1976
25Diamer-Bhasha Damपाकिस्तान4,500 मेगावाट2025
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