कोयला: ऊर्जा स्रोत के रूप में
कोयला एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत है, जो विश्व भर में बिजली उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह एक अवशिष्ट ईंधन है, जिसे मुख्य रूप से भूगर्भीय प्रक्रियाओं के माध्यम से लाखों वर्षों में विकसित किया गया। कोयला मुख्यतः कार्बन, हाइड्रोजन, सल्फर, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन का मिश्रण होता है, और इसकी विभिन्न श्रेणियाँ होती हैं, जैसे कि एंथ्रसाइट, बिटुमिनस, सब-बिटुमिनस, और लिग्नाइट।
कोयले का उपयोग मुख्य रूप से थर्मल पावर प्लेंट्स में होता है, जहाँ इसे जलाकर भाप उत्पन्न की जाती है, जो टरबाइन को चलाने के लिए आवश्यक होती है। यह प्रक्रिया विद्युत ऊर्जा को उत्पादन करने का एक पुराना और स्थापित तरीका है। विश्व के कई देशों में, विशेषकर चीन, भारत, और अमेरिका में, कोयले का उपयोग शक्ति उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत है।
भारत में, कोयला ऊर्जा उत्पादन का एक मुख्य स्त्रोत है। देश की बिजली का लगभग 70% हिस्सा कोयले से उत्पन्न होता है। भारतीय सरकार ने कोयले के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ बनाई हैं, ताकि देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा किया जा सके। कोयला क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें की गई हैं, जैसे कि कोल इंडिया लिमिटेड जैसी सरकारी कंपनियों के माध्यम से खनन कार्य।
हालाँकि, कोयले के उपयोग के साथ कई पर्यावरणीय चिंताएँ भी जुड़ी हुई हैं। कोयला जलाने से वायु प्रदूषण, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन, और जलवायु परिवर्तन की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इससे निपटने के लिए कई देशों ने स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख किया है। इसके अलावा, कोयला खनन से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव भी चिंताजनक हैं, जैसे कि भूमि क्षरण और जल स्रोतों का प्रदूषण।
भविष्य में, ऊर्जा क्षेत्र में कोयले की भूमिका में बदलाव आ सकता है। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे कि सौर, पवन, और जल ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के साथ, कोयले की मांग में कमी आने की संभावना है। फिर भी, कोयला अभी भी कई देशों के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत बना रहेगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा के लिए संसाधनों की कमी है या जहां कोयले का उपयोग आर्थिक दृष्टिकोण से लाभकारी है।
अंत में, कोयला एक पारंपरिक लेकिन विवादास्पद ऊर्जा स्रोत है, जिसका उपयोग अभी भी विश्व के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, इसके पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों और नीतियों की आवश्यकता है।
बिजली संयंत्र (2,793 कुल)
| # | संयंत्र का नाम | देश | क्षमता | वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| 1 | East Hope Metals Wucaiwan power station | चीन | 7,000 मेगावाट | 2014 |
| 2 | Datang Tuoketuo power station | चीन | 6,720 मेगावाट | 2007 |
| 3 | Dangjin Thermal Power Station | दक्षिण कोरिया | 6,040 मेगावाट | 2010 |
| 4 | Dangjin Power Station | दक्षिण कोरिया | 6,040 मेगावाट | 2010 |
| 5 | Taizhong Taichung | ताइवान | 5,500 मेगावाट | 2000 |
| 6 | Bełchatów Power Station | पोलैंड | 5,472 मेगावाट | 1993 |
| 7 | PLTU Paiton I Unit 7 & 8 | इंडोनेशिया | 5,355 मेगावाट | 2000 |
| 8 | Boryeong Thermal Power Station | दक्षिण कोरिया | 5,350 मेगावाट | 1999 |
| 9 | Boryeong Power Plant | दक्षिण कोरिया | 5,350 मेगावाट | 1999 |
| 10 | Waigaoqiao Power Station | चीन | 5,240 मेगावाट | 2004 |
| 11 | Energetyka Cieplna Wielun | पोलैंड | 5,110 मेगावाट | 2015 |
| 12 | Yeongheung Thermal Power Station | दक्षिण कोरिया | 5,080 मेगावाट | 2015 |
| 13 | Yonghungdo power station | दक्षिण कोरिया | 5,080 मेगावाट | 2015 |
| 14 | Yeongheung | दक्षिण कोरिया | 5,080 मेगावाट | 2010 |
| 15 | Guodian Beilun Power Station | चीन | 5,060 मेगावाट | 2002 |
| 16 | Jiaxing Power Station | चीन | 5,000 मेगावाट | 2006 |
| 17 | Guohua Taishan Power Station | चीन | 5,000 मेगावाट | 2007 |
| 18 | Medupi Power Station | दक्षिण अफ्रीका | 4,764 मेगावाट | 2015 |
| 19 | VINDH_CHAL STPS | भारत | 4,760 मेगावाट | 2002 |
| 20 | PLTU Tanjung Jati B | इंडोनेशिया | 4,640 मेगावाट | 2001 |
| 21 | MUNDRA TPP | भारत | 4,620 मेगावाट | 2010 |
| 22 | Mundra Thermal Powerplant | भारत | 4,620 मेगावाट | 2012 |
| 23 | Unit Pembangkit Listrik Paiton | इंडोनेशिया | 4,608 मेगावाट | 2000 |
| 24 | Zouxian Power Station | चीन | 4,540 मेगावाट | 1998 |
| 25 | CPI Pingwei power station | चीन | 4,540 मेगावाट | 2006 |