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Coal बिजली संयंत्र

Thermal coal power plants

संयंत्र संख्या
2,793
कुल क्षमता
2458.8 गिगावाट
देश
7
कुल हिस्सेदारी
7.0%

कोयला: ऊर्जा स्रोत के रूप में

कोयला एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत है, जो विश्व भर में बिजली उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह एक अवशिष्ट ईंधन है, जिसे मुख्य रूप से भूगर्भीय प्रक्रियाओं के माध्यम से लाखों वर्षों में विकसित किया गया। कोयला मुख्यतः कार्बन, हाइड्रोजन, सल्फर, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन का मिश्रण होता है, और इसकी विभिन्न श्रेणियाँ होती हैं, जैसे कि एंथ्रसाइट, बिटुमिनस, सब-बिटुमिनस, और लिग्नाइट।

कोयले का उपयोग मुख्य रूप से थर्मल पावर प्लेंट्स में होता है, जहाँ इसे जलाकर भाप उत्पन्न की जाती है, जो टरबाइन को चलाने के लिए आवश्यक होती है। यह प्रक्रिया विद्युत ऊर्जा को उत्पादन करने का एक पुराना और स्थापित तरीका है। विश्व के कई देशों में, विशेषकर चीन, भारत, और अमेरिका में, कोयले का उपयोग शक्ति उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत है।

भारत में, कोयला ऊर्जा उत्पादन का एक मुख्य स्त्रोत है। देश की बिजली का लगभग 70% हिस्सा कोयले से उत्पन्न होता है। भारतीय सरकार ने कोयले के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ बनाई हैं, ताकि देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा किया जा सके। कोयला क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें की गई हैं, जैसे कि कोल इंडिया लिमिटेड जैसी सरकारी कंपनियों के माध्यम से खनन कार्य।

हालाँकि, कोयले के उपयोग के साथ कई पर्यावरणीय चिंताएँ भी जुड़ी हुई हैं। कोयला जलाने से वायु प्रदूषण, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन, और जलवायु परिवर्तन की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इससे निपटने के लिए कई देशों ने स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख किया है। इसके अलावा, कोयला खनन से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव भी चिंताजनक हैं, जैसे कि भूमि क्षरण और जल स्रोतों का प्रदूषण।

भविष्य में, ऊर्जा क्षेत्र में कोयले की भूमिका में बदलाव आ सकता है। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे कि सौर, पवन, और जल ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के साथ, कोयले की मांग में कमी आने की संभावना है। फिर भी, कोयला अभी भी कई देशों के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत बना रहेगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा के लिए संसाधनों की कमी है या जहां कोयले का उपयोग आर्थिक दृष्टिकोण से लाभकारी है।

अंत में, कोयला एक पारंपरिक लेकिन विवादास्पद ऊर्जा स्रोत है, जिसका उपयोग अभी भी विश्व के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, इसके पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों और नीतियों की आवश्यकता है।

बिजली संयंत्र (2,793 कुल)

#संयंत्र का नामदेशक्षमतावर्ष
1East Hope Metals Wucaiwan power stationचीन7,000 मेगावाट2014
2Datang Tuoketuo power stationचीन6,720 मेगावाट2007
3Dangjin Thermal Power Stationदक्षिण कोरिया6,040 मेगावाट2010
4Dangjin Power Stationदक्षिण कोरिया6,040 मेगावाट2010
5Taizhong Taichungताइवान5,500 मेगावाट2000
6Bełchatów Power Stationपोलैंड5,472 मेगावाट1993
7PLTU Paiton I Unit 7 & 8इंडोनेशिया5,355 मेगावाट2000
8Boryeong Thermal Power Stationदक्षिण कोरिया5,350 मेगावाट1999
9Boryeong Power Plantदक्षिण कोरिया5,350 मेगावाट1999
10Waigaoqiao Power Stationचीन5,240 मेगावाट2004
11Energetyka Cieplna Wielunपोलैंड5,110 मेगावाट2015
12Yeongheung Thermal Power Stationदक्षिण कोरिया5,080 मेगावाट2015
13Yonghungdo power stationदक्षिण कोरिया5,080 मेगावाट2015
14Yeongheungदक्षिण कोरिया5,080 मेगावाट2010
15Guodian Beilun Power Stationचीन5,060 मेगावाट2002
16Jiaxing Power Stationचीन5,000 मेगावाट2006
17Guohua Taishan Power Stationचीन5,000 मेगावाट2007
18Medupi Power Stationदक्षिण अफ्रीका4,764 मेगावाट2015
19VINDH_CHAL STPSभारत4,760 मेगावाट2002
20PLTU Tanjung Jati Bइंडोनेशिया4,640 मेगावाट2001
21MUNDRA TPPभारत4,620 मेगावाट2010
22Mundra Thermal Powerplantभारत4,620 मेगावाट2012
23Unit Pembangkit Listrik Paitonइंडोनेशिया4,608 मेगावाट2000
24Zouxian Power Stationचीन4,540 मेगावाट1998
25CPI Pingwei power stationचीन4,540 मेगावाट2006
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