2.5 GW नवीकरणीय स्रोतों से
क्षमता के अनुसार ऊर्जा स्रोत
आइसलैंड की ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र
आइसलैंड, जो कि एक द्वीप राष्ट्र है, अपनी अनूठी भूगर्भीय विशेषताओं के लिए जाना जाता है। इसकी पृष्ठभूमि में ज्वालामुखी, गर्म झरने, और गीजरों की उपस्थिति इसे ऊर्जा उत्पादन के लिए एक विशेष स्थान प्रदान करती है। आइसलैंड की कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता का लगभग 100% नवीकरणीय स्रोतों से आता है, जिसमें जल विद्युत और भूगर्भीय ऊर्जा का प्रमुख योगदान है।
जल विद्युत, आइसलैंड की ऊर्जा उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत है, जो कि देश की कुल ऊर्जा का लगभग 70% प्रदान करता है। यहाँ पर कई जल विद्युत संयंत्र हैं, जो देश की नदियों के प्रवाह से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। ये संयंत्र न केवल घरेलू उपभोग के लिए ऊर्जा का उत्पादन करते हैं, बल्कि औद्योगिक उपयोग के लिए भी पर्याप्त बिजली प्रदान करते हैं। आइसलैंड की जल विद्युत प्रणाली अत्यधिक कुशल है और इसे दुनिया के सबसे आधुनिक जल विद्युत संयंत्रों में से एक माना जाता है।
भूगर्भीय ऊर्जा, आइसलैंड के ऊर्जा उत्पादन का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है, जो कि देश की कुल ऊर्जा का लगभग 30% हिस्सा है। आइसलैंड में कई भूगर्भीय क्षेत्र हैं, जहाँ से गर्म पानी और भाप को ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रकार की ऊर्जा का उपयोग न केवल बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है, बल्कि हीटिंग के लिए भी किया जाता है। आइसलैंड के लगभग 90% घरों में भूगर्भीय ऊर्जा का उपयोग किया जाता है, जिससे यह देश विश्व में सबसे अधिक ऊर्जा कुशल देशों में से एक बन जाता है।
आइसलैंड की ऊर्जा नीति नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विकास पर केंद्रित है। सरकार ने विभिन्न नीतियों और कार्यक्रमों को लागू किया है, जो नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देते हैं और ऊर्जा की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। आइसलैंड ने अंतर्राष्ट्रीय जलवायु समझौतों को भी अपनाया है और यह जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
आइसलैंड की ऊर्जा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास पर भी जोर दिया जाता है। कई विश्वविद्यालय और निजी संस्थान यहाँ पर नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों के विकास और सुधार पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, आइसलैंड विभिन्न अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं और सहयोगों का भी हिस्सा है, जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रगति को बढ़ावा देते हैं।
संक्षेप में, आइसलैंड का ऊर्जा उत्पादन मुख्य रूप से नवीकरणीय स्रोतों पर निर्भर करता है, जिससे यह देश न केवल ऊर्जा की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। आइसलैंड की ऊर्जा नीति और तकनीकी नवाचार इसे वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनाते हैं।
बिजली संयंत्र
| संयंत्र का नाम | प्रकार | क्षमता | वर्ष |
|---|---|---|---|
| Fljótsdalsvirkjun (Kárahnjúkar ) | Hydro | 690 मेगावाट | 2008 |
| Búrfell | Hydro | 270 मेगावाट | 1969 |
| Hellisheiði | Geothermal | 213 मेगावाट | 2006 |
| Hrauneyjafoss | Hydro | 210 मेगावाट | 1981 |
| Sigalda | Hydro | 150 मेगावाट | 1977 |
| Blanda | Hydro | 150 मेगावाट | 1991 |
| Nesjavellir | Geothermal | 120 मेगावाट | 1998 |
| Sultartangi | Hydro | 120 मेगावाट | 1999 |
| Reykjanes | Geothermal | 100 मेगावाट | 1977 |
| Búðarháls | Hydro | 95 मेगावाट | 2010 |
| Vatnsfell | Hydro | 90 मेगावाट | 2001 |
| Svartsengi | Geothermal | 76 मेगावाट | 1977 |
| Krafla | Geothermal | 60 मेगावाट | 1977 |
| Írafoss | Hydro | 48 मेगावाट | 2003 |
| Lagarfoss | Hydro | 27 मेगावाट | 1975 |
| Steingrímsstöð | Hydro | 26 मेगावाट | 1959 |
| Ljósafossvirkjun | Hydro | 14.6 मेगावाट | 1937 |
| Laxárvirkjun 3 | Hydro | 14 मेगावाट | 1973 |
| Andakíl | Hydro | 8 मेगावाट | 1947 |
| Bjarnarflag | Geothermal | 3 मेगावाट | 1969 |
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