0.9 GW नवीकरणीय स्रोतों से
क्षमता के अनुसार ऊर्जा स्रोत
कंबोडिया (KHM) की ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र का वर्णन
कंबोडिया, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर KHM कोड से जाना जाता है, दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित एक देश है। इसकी ऊर्जा उत्पादन प्रणाली और ऊर्जा क्षेत्र में हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण परिवर्तन और विकास देखने को मिला है। कंबोडिया की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन का एक मिश्रण देश के भीतर के संसाधनों, पड़ोसी देशों से आयात और नवीकरणीय स्रोतों पर आधारित है।
कंबोडिया की बिजली उत्पादन क्षमता मुख्य रूप से जलविद्युत, थर्मल (कोयला और गैस) और नवीकरणीय स्रोतों से आती है। जलविद्युत ऊर्जा कंबोडिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत है, जो कुल बिजली उत्पादन का लगभग 50-60% प्रदान करता है। देश में कई प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं हैं, जैसे कि मेकांग नदी पर स्थित बांध। ये परियोजनाएं न केवल ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, बल्कि बाढ़ नियंत्रण और कृषि के लिए जल संसाधनों के प्रबंधन में भी सहायक होती हैं।
थर्मल ऊर्जा का योगदान भी तेजी से बढ़ रहा है, खासकर कोयले और प्राकृतिक गैस के रूप में। कंबोडिया ने अपने थर्मल पावर प्लांट्स को विकसित करने के लिए विदेशी निवेश को आकर्षित किया है। हालाँकि, थर्मल ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों की खोज पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में, कंबोडिया सौर और बायोमास ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रहा है। सौर ऊर्जा, विशेष रूप से, देश की जलवायु को देखते हुए एक संभावनाशील क्षेत्र है। हाल के वर्षों में, कई सौर परियोजनाएं स्थापित की गई हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंच बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
कंबोडिया की ऊर्जा क्षेत्र में कई चुनौतियां भी हैं। इनमें ऊर्जा की मांग में वृद्धि, बुनियादी ढांचे की कमी, और बिजली वितरण में असमानता शामिल हैं। देश में केवल एक छोटा सा हिस्सा ही नियमित और विश्वसनीय बिजली की पहुंच रखता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए कई नीतियों और योजनाओं को लागू किया है, जिसमें ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। कंबोडिया ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग भी बढ़ाया है ताकि ऊर्जा उत्पादन और वितरण में सुधार किया जा सके।
कुल मिलाकर, कंबोडिया का ऊर्जा क्षेत्र विकासशील है और इसके भविष्य में संभावनाएं हैं। सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की ओर से ऊर्जा उत्पादन के विभिन्न स्रोतों की खोज और विकास से कंबोडिया को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बिजली संयंत्र
| संयंत्र का नाम | प्रकार | क्षमता | वर्ष |
|---|---|---|---|
| Sihanoukville CIIDG power station | Coal | 405 मेगावाट | 2015 |
| Lower Russei Chrum | Hydro | 338 मेगावाट | 2014 |
| Stung Tatai | Hydro | 246 मेगावाट | 2014 |
| Kamchay | Hydro | 193 मेगावाट | 2011 |
| Stung Atai | Hydro | 120 मेगावाट | 2013 |
| Sihanoukville CEL पावर स्टेशन | Coal | 100 मेगावाट | 2014 |
| Khmer Electric Power Diesel Power Plant | Oil | 30 मेगावाट | 2005 |
| MH Bio-Ethanol Distillery | Waste | 23.2 मेगावाट | 2014 |
| Phnom Penh Diesel | Oil | 18.6 मेगावाट | 1996 |
| Kirirom I | Hydro | 12 मेगावाट | 2002 |
| Bavet | Solar | 10 मेगावाट | - |
| CMIP | Solar | 9.8 मेगावाट | - |
| Sihanoukville Diesel | Oil | 5 मेगावाट | 1998 |
| Bavet A | Solar | 3 मेगावाट | 2017 |
| Angkor Biomass | Biomass | 2 मेगावाट | 2014 |
| Siang Phong | Waste | 2 मेगावाट | 2014 |
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